अभी दिखी थी धूप मुझे
अभी बरसता है पानी
कोई मुझको समझाएगा
मौसम की ये मनमानी
हिंदी कविता
किस तरफ़ ऐ वतन के नौजवान
तुम अपनी पहचान लेकर चले?
जिसकी ज़ुबान में न तहज़ीब...
मानव जन्म लेकर
संसार में आया हूँ।
सपने अपने पूरे
करने को आया हूँ।।
मानव जन्म लेकर
संसार में...
प्रेम के अनुबंध पर मैं गीत लिखना चाहता हूँ।
हृदय के स्पन्दनों पर प्रीत लिखना...
रात है जवां जवां
और चांदनी रात है।
आज तो तुमसे मेरी
पहली मुलाकात है।
चुप रहो,
कुछ मत कहो,
बोलोगे तो विरोधी कहलाओगे,
इर्द-गिर्द के लोगों से बेरुखी पाओगे,
असामाजिक तत्व घोषित...
मातृ भू की अर्चना का गीत वन्देमातरम्, कोटि कंठों का सुगम संगीत वन्देमातरम्।
आर्षवाणी, मंत्रवत्...
हर बेटी को बचपन से सहनशीलता, शालीनता और त्याग का पाठ पढ़ाया जाता है।
पर...
निकले है दिल से आह ज़माने के बाद भी
आते हो बहुत याद भुलाने के...
देश स्वतंत्र हुआ तिथि पंद्रह माह अगस्त बड़ा शुभकारी। मुक्त हुए परतंत्र गया खुशियाँ...
