जीवन का यज्ञ आत्मबल की ज्योति नीतू तिवारी, कोलकाता बचपन तो कोमल, निर्मल, निस्वार्थ...
हिंदी कविता
माँ का प्यार राकेश शंकर त्रिपाठी, कानपुर चरण पूज वंदन करें, करें आज स्वीकार । है माँ के इस शब्द में, निराकार- साकार ।। माँ के ही इस कोख से, उपजा जीवन-सार । ब्रह्म उदित है जगत में, महिमा अपरम्पार ।। माँ तेरे इस कोख का, मुझ पर है उपकार । लायी मुझको जगत में, सब कुछ है न्यौछार ।। तेरे आँचल में बसे, खुशियों का संसार । ...
बेटी पल्लवी अवस्थी, मसकट, ओमान बेटियाँ हर घर का उजियारा,माँ-पिता के दिल का सहारा,हर...
वंदे मातरम् क्रांति-गाथा डॉ. गिरिधर राय, कोलकाता वंदेमातरम् गीत नहीं था, बिगुल था वह...
धर्म की परछाईं – अधर्म अमित मिश्रा, सरायकेला हर तरफ राजनीति की कसावट है,यहां...
ज्ञान की दीपशिखा डॉ रामानुज पाठक, सतना ज्ञान की दीपशिखा जब मन में उजास...
हे प्रिय !बस थोडा पढ लेना ! प्रो. उदय प्रताप सिंह, कानपुर जब पलकें...
माँ का मन – ममता त्रिपाठी, कानपुर आज मेरा बेटा एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी...
नवजीवन – चंदा प्रहलादका, कोलकाता युगों अजेय गर्वित सभी जन।व्यक्तित्व दिव्य हुंकार अमन।है दीप्त...
पहचान का प्रश्नन सीमा त्रिवेदी साज़, नवी मुंबई पहलगाम हमले की पहली बरसी पर...
