ज़िन्दगी यू चलती रहे (15 अगस्त 2026)

अभी दिखी थी धूप मुझे अभी बरसता है पानी कोई मुझको समझाएगा मौसम की ये मनमानी ...

तुम किधर जा रहे हो (15 अगस्त 2026)

किस तरफ़ ऐ वतन के नौजवान तुम अपनी पहचान लेकर चले? जिसकी ज़ुबान में न तहज़ीब हो, किस तरह वह ...

निभाने आया हूँ (15 अगस्त 2026)

मानव जन्म लेकर संसार में आया हूँ। सपने अपने पूरे करने को आया हूँ।। मानव जन्म लेकर संसार में आया ...

प्रेम का अनुबंध (15 अगस्त 2026)

प्रेम के अनुबंध पर मैं गीत लिखना चाहता हूँ। हृदय के स्पन्दनों पर प्रीत लिखना चाहता हूँ॥ ...

और चांदनी रात है (15 अगस्त 2026)

रात है जवां जवां और चांदनी रात है। आज तो तुमसे मेरी पहली मुलाकात है। ...

चुप रहो.. कुछ मत कहो (15 अगस्त 2025)

चुप रहो, कुछ मत कहो, बोलोगे तो विरोधी कहलाओगे, इर्द-गिर्द के लोगों से बेरुखी पाओगे, असामाजिक तत्व घोषित हो जाओगे। ...

राष्ट्र के अस्तित्व की पहचान वन्दे मातरम (15 अगस्त 2026)

मातृ भू की अर्चना का गीत वन्देमातरम्, कोटि कंठों का सुगम संगीत वन्देमातरम्। आर्षवाणी, मंत्रवत् जो उच्चरित होती सदा-देशभक्तों में ...

माँ, काश तुमने यह भी सिखाया होता (15 अगस्त 2026)

हर बेटी को बचपन से सहनशीलता, शालीनता और त्याग का पाठ पढ़ाया जाता है। पर जब वही गुण उसके आत्मसम्मान ...

अशोक अंजुम की नवीनतम ग़ज़लें (15 अगस्त 2026)

निकले है दिल से आह ज़माने के बाद भी आते हो बहुत याद भुलाने के बाद भी ऐसा भी क्या ...

राष्ट्र के प्रति कर्तव्य (15 अगस्त 2026)

देश स्वतंत्र हुआ तिथि पंद्रह माह अगस्त बड़ा शुभकारी। मुक्त हुए परतंत्र गया खुशियाँ जनजीवन में अति भारी। राष्ट्र बने ...

मौसम (15 अगस्त 2026)

अभी दिखी थी धूप मुझे अभी बरसता है पानी कोई मुझको समझाएगा मौसम की ये मनमानी ...

जीवन का यज्ञ — आत्मबल की ज्योति (15 मई 2026)

जीवन का यज्ञ आत्मबल की ज्योति नीतू तिवारी, कोलकाता बचपन तो कोमल, निर्मल, निस्वार्थ होता है,हृदय में बस प्रेम, आँखों ...

माँ का प्यार (15 मई 2026)

माँ का प्यार राकेश शंकर त्रिपाठी, कानपुर चरण पूज वंदन करें, करें आज स्वीकार । है माँ के इस शब्द में, निराकार- साकार ।।  माँ के ही इस कोख से, उपजा जीवन-सार । ब्रह्म उदित है जगत में, महिमा अपरम्पार ।।  माँ तेरे इस कोख का, मुझ पर है उपकार । लायी मुझको जगत में, सब कुछ है न्यौछार ।।  तेरे आँचल में बसे, खुशियों का संसार । तेरा वैभव है अमर, बाकी सब बेकार ।।  गलती कितनी भी करें, माँ का हृदय अपार । चरणों में तेरे सदा, सुख है अपरम्पार ।।  जब तक माँ का प्यार है, उन्नत है यह भाल । जीवन के हर ढाल पर, आशीषों की ढाल ।। ...

बेटी (15 मई 2026)

बेटी पल्लवी अवस्थी, मसकट, ओमान बेटियाँ हर घर का उजियारा,माँ-पिता के दिल का सहारा,हर रिश्ते में भर्ती प्यार,इनसे ही महके ...

वंदे मातरम् : क्रांति-गाथा (15 मई 2026)

वंदे मातरम् क्रांति-गाथा डॉ. गिरिधर राय, कोलकाता वंदेमातरम् गीत नहीं था, बिगुल था वह आज़ादी का।शंखनाद था विप्लव का वह, ...