ज़िन्दगी यू चलती रहे (15 अगस्त 2026)

अभी दिखी थी धूप मुझे अभी बरसता है पानी कोई मुझको समझाएगा मौसम की ये मनमानी ...

तुम किधर जा रहे हो (15 अगस्त 2026)

किस तरफ़ ऐ वतन के नौजवान तुम अपनी पहचान लेकर चले? जिसकी ज़ुबान में न तहज़ीब हो, किस तरह वह ...

निभाने आया हूँ (15 अगस्त 2026)

मानव जन्म लेकर संसार में आया हूँ। सपने अपने पूरे करने को आया हूँ।। मानव जन्म लेकर संसार में आया ...

प्रेम का अनुबंध (15 अगस्त 2026)

प्रेम के अनुबंध पर मैं गीत लिखना चाहता हूँ। हृदय के स्पन्दनों पर प्रीत लिखना चाहता हूँ॥ ...

और चांदनी रात है (15 अगस्त 2026)

रात है जवां जवां और चांदनी रात है। आज तो तुमसे मेरी पहली मुलाकात है। ...

चुप रहो.. कुछ मत कहो (15 अगस्त 2025)

चुप रहो, कुछ मत कहो, बोलोगे तो विरोधी कहलाओगे, इर्द-गिर्द के लोगों से बेरुखी पाओगे, असामाजिक तत्व घोषित हो जाओगे। ...