अगस्त 2023

बैसवारी मुहावरे

  • आँधर के हाथ बटेर लागि  ⮞ अर्थात ⮞ अयोग्य व्यक्ति को अच्छी वस्तु मिलना
  • घर के देव लुलुहायें बाहेर के पूजा मांगे ⮞ अर्थातअपने निकट के लोगों की परवाह न कर दूर के लोगों की सहायता 
  • उल्टे बांस बरेली को ⮞ अर्थातअसंभव काम को संभव करने की प्रक्रिया
  • हाथ मा सुमिरनी बगल मा कतरनी ⮞ अर्थात ⮞ मुँह का मीठा परन्तु मन में दुर्भावना
  • उंगली पकड़कर पहुंचा पकड़ना ⮞ अर्थात ⮞ छोटी सी मदद पाते ही बड़ी इच्छाएं पालना
  • समय पाय तरुवर फले, कतवो सीचे नीर ⮞ अर्थात  ⮞ कोई भी काम एक निश्चित समय पर ही पूर्ण होता है
  • सौ सयाने एक मत ⮞ अर्थात  ⮞ बुद्धिमान लोग सर्वमत से कार्य करते हैं
  • अंतड़ियां कुलबुलाना ⮞ अर्थात  ⮞ बहुत तेज़ भूख लगना
  • औने पौने करना ⮞ अर्थात  ⮞ लाभ हानि की चिंता किये बगैर बेचना
  • ऊंट घोड़ा बहि जाए अउ गदहा कहे केत्ता पानी ⮞ अर्थात  ⮞ जब कोई काम किसी योग्य व्यक्ति द्वारा ना हो पाए और अयोग्य व्यक्ति उसे करना चाहे

नवंबर 2022

  • आगे नाथ न पीछे पगहा = जो व्यक्ति परिवार में अकेला हो
  • नौ दिन चले अढ़ाई कोस = धीमी गति से चलना
  • नाचि न आवै आंगन टेढ़ा = काम न करने का बहाना
  • बिलारी (बिल्ली) के भाग (भाग्य) ते छींका (सिकहर) टूटा = भाग्यवश कुछ अचानक मिल जाये
  • आँख एक नहीं, कजरौटा दस दस = व्यर्थ आडम्बर
  • छटाँक चून चौ बारे रसोई = केवल दिखावा
  • छूँछी हांडी बाजे टन टन = हल्के व्यक्ति के खोखलेपन का खुलासा
  • खेत खाये गदहा मार खाये जुलहा = निरपराधी को दण्डित करना
  • कोयल होय न उजली सौ मन साबुन लाई = कितना भी प्रयत्न किया जाए स्वभाव नहीं बदलता