किंकर्तव्यविमूढ़ता जीवन का आपाधापी से, कितना गहरा नाता है।
हिंदी कविता
हिंदी कविता योग सदा किया करो सुबह-सुबह तुम उठा करो, आलस कभी न किया...
हिंदी कविता कर्मयोगी करवटों में नींद ढूंढे, उलझनों में हौसले। भीड़ में पहचान खोजे,...
