पंचायत एक गाना है – “पतझड़ सावन बसन्त बहार, एक बरस के मौसम चार,...
राकेश त्रिपाठी
काव्यानुवाद श्रीमद्भगवद्गीता, ग्यारहवाँ अध्याय ( विश्वरूपदर्शनयोग ) कॉरपोरेट लर्निंग्स गीता का यह एकादश अध्याय...
काव्यानुवाद श्रीमद्भगवद्गीता, दसवाँ अध्याय (विभूति योग) गीता का यह अध्याय विभूति योग के नाम...
प्रार्थना दे रहे हैं आपको हम, दिल हृदय शुभ कामना। हर दिवस अद्भुत सदा...
पुनः लौट कर आएंगे ये जीवन ये दर्शन नित जो, वहाँ कहाँ हम पायेंगे।इस...
काव्यानुवाद श्रीमद्भगवद्गीता, दासवा अध्याय (विभूती योग) गीता का यह अध्याय विभूति योग के नाम...
उठने के पहले ही मैं, मैं अनगिन बार गिरा हूँ – राकेश शंकर त्रिपाठी,...
काव्यानुवाद श्रीमद्भगवद्गीता, आठवाँ अध्याय (अक्षरब्रह्मयोग ) गीता के आठवें अध्याय से कॉर्पोरेट लर्निंग की...
कबाडी राकेश शंकर त्रिपाठीकानपुर प्रत्येक सुबह का सूरज सदैव एक आस, एक विश्वास, नयी...
काव्यानुवाद श्रीमद्भगवद्गीता, सातवाँ अध्याय ( ज्ञान – विज्ञान योग ) राकेश शंकर त्रिपाठीकानपुर गीता...