देवी मंदिर में घंटो की मधुर आवाज वातावरण में गुंजायमान हो रही थी। भक्तों...
कनक तिवारी
तुम कैसी माँ हो घड़ी ने 4:00 बजाये ! संजना जी चौंक कर उठ...
बलिदान ठांय ठांय ! सुनसान जंगल पैरों की आवाज से गूंज उठा। चिदंबरम के...
आय लव यू मॉम घड़ी की सुइयों ने सात बजाये। काँची ने एक सरसरी...
कैद हैं… ( ग़ज़ल ) डॉ. कनक लता तिवारी,मुंबई ख़ूबसूरत यादें अब तो पत्थरों...
