वजह तो पूछिए……..ग़ज़ल
डॉ. प्रमोद कुमार कुश ‘तन्हा’ (मुम्बई)
छोड़ जाने की वजह तो पूछिए,
लौट आने की वजह तो पूछिए।
रूठने की क्या वजह थी, छोड़िए,
मान जाने की वजह तो पूछिए।
क्या वजह थी दर्द की, पूछा नहीं,
मुस्कुराने की वजह तो पूछिए।
देखिए ना देखिए ख़ामोशियाँ,
गुनगुनाने की वजह तो पूछिए।
मंज़िलें भी, रास्ता भी बस यही—
इस ठिकाने की वजह तो पूछिए।
आज तकनीकी मशीनी दौर में,
भूल जाने की वजह तो पूछिए।
सर कटेगा एक दिन ‘तन्हा’ मगर,
सर उठाने की वजह तो पूछिए।
