प्यार है या जादू

अमित मिश्रा, सरायकेला

वक्त का है हँसी सितम,
प्यार का है वक्त कम।

आँखें दर्द से हैं नम,
सपना है ये जीवन-जनम।

दुनिया है माया,
जिसको कोई समझ न पाया।

नज़रों में सब छाया भरम,
मन है ठंडा, सपनों में हम।

तरह-तरह के चेहरे,
तरह-तरह से कह रहे—

वक्त का है हँसी सितम,
प्यार का है वक्त कम।

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