नववर्ष का अभिनंदन
मृत्युंजय कुमार मनोज, ग्रेटर नोएडा (पश्चिम)
सर्द हवाएँ और ठंड से ठिठुरन,
अनंत आशाओं-अरमानों का गुंजन।
कर रहे हैं हम सब नववर्ष का अभिनंदन—
हो क्रोध, घृणा, हिंसा, युद्ध का अंत।
चहुँ ओर फैल जाए प्रेम और शांति का रंग,
दुःख-दारिद्र्य का न हो जीवन में नामोनिशान।
धन-धान्य से भरा-पूरा हो सबका आशियाँ,
हर किसी के सपनों को मिले चाहत की उड़ान।
हो उनके जीवन में सदैव उत्सव का गान,
राजनीति में हो संवेदनशीलता का दर्शन।
आम आदमी हो सरकार के कामकाज का दर्पण,
सुरक्षित रहें नदी, वन, पर्वत, पशु और पक्षी।
विकास की कहानी बने इन सब का साक्षी,
करते हैं प्रण—है हमें विश्वास,
होंगी मनोकामनाएँ सच में साकार।
