इसे चोरी कहे या ठगी व्यवसाय कोई भी हो, हर व्यवसाय के कुछ स्थापित...
राकेश मिश्रा
यथा प्रारब्ध तथा बुद्धि जिस क्षण जीव मां के गर्भ में स्थान पाता है,...
झूठी शान की खातिर यह मानवीय प्रकृति है कि कोई काम यदि हमें असंभव...
