राष्ट्र के अस्तित्व की पहचान वन्दे मातरम
मातृ भू की अर्चना का गीत वन्देमातरम्, कोटि कंठों का सुगम संगीत वन्देमातरम्।
आर्षवाणी, मंत्रवत् जो उच्चरित होती सदा-देशभक्तों में जगाता प्रीत वन्देमातरम् ।।
आंग्ल-सत्ता को कठिन ललकार वन्देमातरम्, आततायी के लिए हुंकार वन्देमातरम् ।
दीर्घ वर्षों की गुलामी की जटिल जंजीर से, मुक्त करने का बना हथियार वन्देमातरम् ।।
क्रान्ति के संकल्प का त्यौहार वन्देमातरम्, हथकड़ी की गूंजती झंकार वन्देमातरम् ।
जेल की हो यातना, या मौत का फरमान हो-हँस के स्वीकारा, किया उच्चार वन्देमातरम् ।।
देवि दुर्गा शारदा अवतार वन्देमातरम्, रूप कमला का किया साकार वन्देमातरम् ।
राष्ट्र माता की प्रभावी, दिव्य जाग्रत मूर्ति को-शब्द पुष्पों का सुवासित हार, वन्देमातरम् ।।
हर भुजा की शुद्ध प्रेरक शक्ति वन्देमातरम्, भक्तमानस के हृदय की भक्ति वन्देमातरम् ।
देश की माटी, नदी, गिरि, पवन, उपवन आदि से-जोड़ने की है मुखर अभिव्यक्ति, वन्देमातरम् ।।
देश की तेजस्विता-सम्मान वन्देमातरम्, क्रान्तिवीरों का अमर जयगान वन्देमातरम् ।
विश्व में अभिमान से फहरे तिरंगा ध्वज सदा-राष्ट्र के अस्तित्व की पहचान वन्देमातरम् ।।




