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भौतिक समस्या और ज्योतिषीय समाधान (13th Edition) – janmaitri

भौतिक समस्या और ज्योतिषीय समाधान

पं. राकेश राज मिश्र “जिज्ञासु” कानपुर

प्रश्न: मैं एक संपन्न घर परिवार से हूं। मेरा कारोबार सेट नहींहोपा रहा है। जो भी काम शुरू करता हूं, आरंभ में तो ठीक चलता है पर थोड़े समय में ही ढीला पड़ जाता है। काम में भरपूर स्कोप होने के बाद भी लाभ नहीं मिल पाता है। मन बहुत भ्रमित है ! कृपया मार्गदर्शन करें !

उत्तर: ग्रहों की गणना के अनुसार आपकी कुंडली धनु लग्न की है और लग्नेश बृहस्पति अपनी नीच राशि में दूसरे घर में बैठा है। भाग्येश सूर्य भी अपनी नीच राशि में एकादश भाव में विराजमान है। पर, अच्छी बात यह है कि सप्तमेश दशमेश बुद्ध भी इन्हीं के साथ लाभ भाव में अपने मित्त शुक्र की राशि में बैठा है। आपकी अपेक्षाएं पूरी ना हो पाने के कारण कुछ इस प्रकार हैं :-

एक तो सफलता के लिए इच्छाशक्ति की जितनी प्रबलता चाहिए उतनी आप में जागृत नहीं हो पाती है। दूसरे भाग्य के जितने सहयोग की आवश्यकता होती है वह भी आपको नहीं मिल पाता है। इन सब के ऊपर आपकी लग्न भी तीसवें अंश की है। इस कारण लाभ देने वाले ग्रह भी लाभ देने की स्थिति में नहीं है।

आपकी प्रगति और अपेक्षाओं के मार्ग में बाधक इन समस्त कारणों के निवारण संभव हैं। एक अंगूठी और कुछ उपासना के बल से इनका उपचार हो जाएगा। आप
कृपया –

1. सबसे पहले तो नवरत्न की अंगूठी धारण करें।
2. नित्य स्नानोपरांत तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य दें।
3. श्री गणपत्यथर्वशीर्षम के नित्य तीन पाठ करें।
4. उसके बाद श्री विष्णुसहस्रनाम स्तोत्र का एक पाठ नित्य करें।

इसके साथ ही जो कुछ भी प्राप्त होता दिखे, भले ही अपेक्षा के अनुरूप न हो तो भी उसे स्वीकार करना आरंभू करें। उपासना में बहुत बल होता है यदि आप यह सब पूर्ण श्रद्धा के साथ कर सकें तो अवश्य ही आपको लाभ होगा।

इति शुभम ! मां भगवती आपका कल्याण करें 

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