3rd Edition (हिंदी कविता)

किंकर्तव्यविमूढ़ता जीवन का आपाधापी से, कितना गहरा नाता है। ...

2nd Edition (हिंदी कविता)

हिंदी कविता योग सदा किया करो सुबह-सुबह तुम उठा करो, आलस कभी न किया करो, , प्राणवायु रूपी अमृत रस, ...

1st Edition (हिंदी कविता)

हिंदी कविता कर्मयोगी करवटों में नींद ढूंढे, उलझनों में हौसले। भीड़ में पहचान खोजे, भटकनों में मंजिलें ।। लक्ष्य के ...