2nd Edition (हिंदी कविता)
हिंदी कविता योग सदा किया करो सुबह-सुबह तुम उठा करो, आलस कभी न किया करो, , प्राणवायु रूपी अमृत रस, ...
1st Edition (हिंदी कविता)
हिंदी कविता कर्मयोगी करवटों में नींद ढूंढे, उलझनों में हौसले। भीड़ में पहचान खोजे, भटकनों में मंजिलें ।। लक्ष्य के ...
